मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को मंत्रियों के अलावा शीर्ष अधिकारियों की एक खास बैठक आयोजित की थी। जहां पर उन्होंने कहा कि कोरोना और लॉकडाउन सम्बन्धी ख़र्चों के अलावा कोई अन्य खर्च केवल वित्त विभाग की अनुमति से ही किया जाएगा।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को मंत्रियों के अलावा शीर्ष अधिकारियों की एक खास बैठक आयोजित की थी। जहां पर उन्होंने कहा कि कोरोना और लॉकडाउन सम्बन्धी ख़र्चों के अलावा कोई अन्य खर्च केवल वित्त विभाग की अनुमति से ही किया जाएगा।
मौजूदा हालातों को ध्यान में रखते हुए अरविंद केजरीवाल ने फिलहाल कोरोना वायरस से निपटने पर अपना पूरा ध्यान लगाया हुआ है। उनका साफ कहना है कि कोरोना और लॉकडाउन सम्बन्धी ख़र्चों के अलावा कुछ भी खर्च नहीं होगा और यदि ऐसा करना जरूरी भी हो तो वित्त विभाग की अनुमति से किया जा सकता है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि विभागों द्वारा कोई अन्य खर्च नहीं किया जा सके।
हालांकि सरकार को यह कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि लॉकडाउन की वजह से रेवेन्यू पैदा नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उन्हें अपने खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है।
कोरोना से निपटना है पहली प्राथमिकता
दिल्ली सरकार की पहली प्राथमिकता कोरोना वायरस को समाप्त करनी है और वह सरकार से लॉकडाउन को बढ़ाने की अपील भी कर चुके हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने कोरोना की चेन को समाप्त करने के लिए 21 दिन को लॉकडाउन की घोषणा की थी और अब वह हालातों की समीक्षा कर रहे हैं। जिसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। वहीं, अरविंद केजरीवाल सरकार ने तो बीते दिनों मास्क पहनने को अनिवार्य कर दिया है। क्योंकि केजरीवाल का मानना है कि चेहरे पर मास्क लगाने से काफी हद तक कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को कम किया जा सकता है।
तमाम तरह के खर्च को रोककर दिल्ली सरकार कोरोना को खत्म करने का प्रयास कर रही है और इसके लिए केजरीवाल ने पहले ही 5-टी का ऐलान कर दिया है। इनमें टेस्टिंग (जांच), ट्रेसिंग (पता लगाना), ट्रीटमेंट (उपचार), टीम-वर्क (मिलकर काम करना) और ट्रैकिंग (नजर रखना) हैं।
अत्यधिक प्रभावित इलाकों में होगी टेस्टिंग
पहले टी के तहत अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि शहर के अति प्रभावित क्षेत्रों में बिना किसी क्रम के एक लाख लोगों को चुनकर उनकी जांच की जाएगी। आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में लगातार मामलों में इजाफा हो रहा है। जबकि देश में 5000 से अधिक व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित हो चुके हैं।
दक्षिण कोरिया की तर्ज पर केजरीवाल भी दिल्ली में अधिक से अधिक टेस्ट करके कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की पहचान करेंगे। माना जा रहा है कि शुक्रवार 10 अप्रैल से दिल्ली सरकार जांच की प्रक्रिया शुरू कर देगी। इसीलिए उन्होंने तमाम तरह के खर्चों पर रोक लगा दी है।
कोरोना वायरस से अत्यधिक प्रभावित 20 इलाकों को केजरीवाल सरकार ने सील कर दिया है। जिसके बाद ऐसे क्षेत्रों में लोग अपने घरों से बाहर नहीं आ सकते हैं।